Grandfathering Pr.FD-RD Maturity & Intt. Value ??

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  2. Chalisa :- Hanuman Chalisa   /  Durga Chalisa   /   Shiv Chalisa
  3. 12 Jyotirlinga Temple of Shiva
  4. Aarti :- Ganesh-Aarti   /   Lakshmiji Aarti   /   Durga Aarti   /   Shiv Aarti   /   Om Jai Jagdish Hare
  5. Sai Baba Sayings
  6. Sankatmochan Hanumanashtak
  7. Inspiration from Lord Ganeshjee
  8. Daily Praying Mantras
  9. Gita Saar
  10. Your Glorious Mother

दुर्गा माँ आरती
Aarti Durga Mata Ki

ॐ सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके ।
शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणी नमोस्तुते ॥

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी ।
तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी ॥
जय अम्बे गौरी ॥
मांग सिंदूर विराजत, टीको मृगमद को ।
उज्जवल से दो‌उ नैना, चन्द्रबदन नीको ॥
जय अम्बे गौरी ॥
कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजै ।
रक्त पुष्प गलमाला, कण्ठन पर साजै ॥
जय अम्बे गौरी ॥
केहरि वाहन राजत, खड़ग खप्परधारी ।
सुर नर मुनिजन सेवक, तिनके दुखहारी ॥
जय अम्बे गौरी ॥
कानन कुण्डल शोभित, नासाग्रे मोती ।
कोटिक चन्द्र दिवाकर, राजत सम ज्योति ॥
जय अम्बे गौरी ॥
शुम्भ निशुम्भ विडारे, महिषासुर घाती ।
धूम्र विलोचन नैना, निशदिन मदमाती ॥
जय अम्बे गौरी ॥
चण्ड मुण्ड संघारे, शोणित बीज हरे ।
मधुकैटभ दो‌उ मारे, सुर भयहीन करे ॥
जय अम्बे गौरी ॥
ब्रहमाणी रुद्राणी तुम कमला रानी ।
आगम निगम बखानी, तुम शिव पटरानी ॥
जय अम्बे गौरी ॥
चौसठ योगिनी गावत, नृत्य करत भैरुं ।
बाजत ताल मृदंगा, अरु बाजत डमरु ॥
जय अम्बे गौरी ॥
तुम हो जग की माता, तुम ही हो भर्ता ।
भक्‍तन् की दुःख हरता, सुख-सम्पत्ति करता ॥
जय अम्बे गौरी ॥
भुजा चार अति शोभित, खड़ग खप्परधारी ।
मनवांछित फल पावत, सेवत नर नारी ॥
जय अम्बे गौरी ॥
कंचन थाल विराजत, अगर कपूर बाती ।
श्री मालकेतु में राजत, कोटि रतन ज्योति ॥
जय अम्बे गौरी ॥
श्री अम्बे जी की आरती, जो को‌ई नर गावै ।
कहत शिवानन्द स्वामी, सुख सम्पत्ति पावै ॥
जय अम्बे गौरी ॥

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